निष्ठा कार्यक्रम की वैचारिक रूपरेखा का शिक्षक सशक्तिकरण पर प्रभाव एवं निहित चुनौतियाँ
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https://doi.org/10.65785/552s6q10##semicolon##
निष्ठा कार्यक्रम ##common.commaListSeparator## शिक्षक सशक्तिकरण ##common.commaListSeparator## शिक्षक प्रशिक्षण ##common.commaListSeparator## व्यावसायिक विकास ##common.commaListSeparator## शैक्षिक गुणवत्ता ##common.commaListSeparator## क्षमता निर्माण ##common.commaListSeparator## समावेशी शिक्षा ##common.commaListSeparator## शिक्षण कौशलसार
यह शोध पत्र शिक्षक सशक्तिकरण के लिए निष्ठा कार्यक्रम की वैचारिक रूपरेखा का विश्लेषण करता है जिसका उद्देश्य शिक्षा प्रणाली में गुणवत्ता सुधार हेतु शिक्षकों के व्यावसायिक विकास को संस्थागत रूप देना है। निष्ठा भारत सरकार द्वारा 2019 में शुरू किया गया एक राष्ट्रीय स्तर का शिक्षक प्रशिक्षण अभियान है। इसका लक्ष्य शिक्षकों की दक्षता, आत्मविश्वास और नवाचार क्षमता को विकसित करना तथा विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता को सुदृढ़ करना है । निष्ठा कार्यक्रम की वैचारिक नींव राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सिद्धांतों पर आधारित है । यह मुख्यतः रचनावाद और अनुभवजन्य शिक्षाशास्त्र, समावेशी शिक्षा, समग्र विकास और बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान के दर्शन पर केंद्रित है । यह शिक्षकों को ज्ञान-प्रदाता के बजाय ज्ञान-निर्माता और मार्गदर्शक की भूमिका अपनाने के लिए प्रेरित करता है । शैक्षणिक रिपोर्टों और सरकारी दस्तावेजों के आंकड़ों के आधार पर यह परिणाम प्राप्त हुआ कि निष्ठा कार्यक्रम ने शिक्षकों में डिजिटल दक्षताओं, छात्रकेंद्रित शिक्षण दृष्टिकोण और मूल्य-आधारित शिक्षण के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण को बढ़ावा दिया है। इसके परिणामस्वरूप विद्यालयी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों की आत्मसंतुष्टि तथा शिक्षण में नवाचार-प्रवृत्ति में वृद्धि हुई है । हालांकि डिजिटल अवसंरचना की कमियाँ, प्रशिक्षण सामग्री की प्रासंगिकता और कार्यभार जैसी चुनौतियाँ बनी हुई हैं ।
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