भारत में पर्यावरण आंदोलनों का ऐतिहासिक विकास और राजनीतिक चेतना

Authors

  • डॉ. राज कुमार सिंह सहायक आचार्य, इतिहास विभाग, शहीद मंगल पाण्डे राजकीय महिला महाविद्यालय, माधवपुरम, मेरठ Author

DOI:

https://doi.org/10.65785/qf40ct19

Abstract

पर्यावरण आंदोलन आधुनिक समाज में केवल प्रकृति संरक्षण का प्रयास नहीं रहे हैं, बल्कि वे राजनीतिक चेतना के निर्माण और सुदृढ़ीकरण के महत्वपूर्ण माध्यम भी बने हैं। औद्योगीकरण, वैश्वीकरण तथा अनियंत्रित विकास ने पर्यावरणीय संकट को तीव्र किया है, जिसके परिणामस्वरूप जनआंदोलनों ने राजनीतिक विमर्श को नई दिशा दी। यह शोध पत्र पर्यावरण आंदोलनों के उद्भव, विकास, स्वरूप तथा उनके द्वारा उत्पन्न राजनीतिक चेतना का समीक्षात्मक अध्ययन प्रस्तुत करता है। अध्ययन में यह विश्लेषण किया गया है कि किस प्रकार पर्यावरण आंदोलन लोकतांत्रिक भागीदारी, नीति-निर्माण तथा शासन प्रणाली को प्रभावित करते हैं।

मुख्य शब्द: पर्यावरण आंदोलन, राजनीतिक चेतना, जनआंदोलन, लोकतंत्र, नीति-निर्माण

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Published

2025-12-20

How to Cite

भारत में पर्यावरण आंदोलनों का ऐतिहासिक विकास और राजनीतिक चेतना. (2025). VED International Journal of Arts, Commerce and Technology, 1(1), 34-42. https://doi.org/10.65785/qf40ct19