एसिड हमलों की रोकथाम हेतु सामाजिक जागरूकता और शिक्षा के माध्यम से संवेदनशीलता बढ़ाने के उपाय

लेखक

  • Chhama Research Scholar, Department of Law, NIILM University, Haryana. ##default.groups.name.author##
  • Dr. Vikas Deep Singh Kohli Professor, Department of Law, NIILM University, Haryana. ##default.groups.name.author##

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https://doi.org/10.65785/vijact.v2i1.11

सार

एसिड हमले न केवल शारीरिक हिंसा का रूप हैं, बल्कि यह समाज में व्याप्त लैंगिक असमानता, प्रतिशोध की मानसिकता और संवेदनशीलता की कमी का प्रतीक भी हैं। प्रस्तुत शोध का उद्देश्य भारत तथा उत्तर प्रदेश में एसिड हमलों की प्रवृत्ति और वितरण का विश्लेषण करना और सामाजिक जागरूकता एवं शिक्षा आधारित रोकथाम उपायों की भूमिका का मूल्यांकन करना है। अध्ययन क्षेत्र गोरखपुर जनपद रखा गया है, जहाँ के सामाजिक संदर्भ में निष्कर्षों की व्याख्या की गई है। शोध वर्णनात्मक-विश्लेषणात्मक प्रारूप पर आधारित है, जिसमें वर्ष 2017 से 2023 तक के आधिकारिक द्वितीयक आँकड़ों का प्रयोग कर प्रतिशत विश्लेषण एवं ची-वर्ग परीक्षण किया गया। परिकल्पना के रूप में वार्षिक घटनाओं की एकरूपता तथा राज्यवार वितरण की समानता का परीक्षण किया गया। परिणाम दर्शाते हैं कि वार्षिक घटनाओं में सार्थक अंतर है तथा घटनाएँ कुछ राज्यों, विशेषकर पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश, में सांख्यिकीय रूप से सार्थक ढंग से संकेंद्रित हैं। दोषसिद्धि दर निम्न और लंबित मामलों का अनुपात अत्यधिक पाया गया। निष्कर्षतः, केवल कानून पर्याप्त नहीं है; विद्यालय, समुदाय, पुलिस और पुनर्वास संस्थाओं को जोड़ती हुई जागरूकता-शिक्षा आधारित बहुस्तरीय रणनीति ही रोकथाम का प्रभावी मार्ग है।
Keywords: जागरूकता कार्यक्रम, लैंगिक असमानता, शिक्षा, हिंसा, एसिड हमला, संवेदनशीलता, महिला सुरक्षा 

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प्रकाशित

2026-01-31

अंक

खंड

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