डॉ. राधाकृष्णन् के शैक्षिक एवं सामाजिक विचारों का विश्लेषणात्मक अध्ययन

Authors

  • डॉ. नागेन्द्र कुमार यादव सहायक प्रोफेसर, शिक्षा विभाग, हेमवती नंदन बहुगुणा गढ़वाल विश्वविद्यालय, श्रीनगर, उत्तराखंड, भारत Author

DOI:

https://doi.org/10.65785/vijact.v2i8.84

Abstract

प्रस्तुत अध्ययन डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन् के शैक्षिक एवं सामाजिक चिंतन को समझने का एक गंभीर प्रयास है। भारतीय शिक्षा और समाज के विकास में राधाकृष्णन् का योगदान अतुलनीय रहा है। वे न केवल एक दार्शनिक थे बल्कि व्यावहारिक शिक्षाविद् भी थे। उनके विचारों में शिक्षा को समाज के साथ जोड़ा गया है और व्यक्ति के समग्र विकास पर जोर दिया गया है। शिक्षा के माध्यम से मानवीय मूल्यों, नैतिकता और आध्यात्मिकता का प्रसार करना राधाकृष्णन् का मुख्य उद्देश्य था। वे मानते थे कि शिक्षा केवल ज्ञान प्रदान करने का साधन नहीं है, बल्कि यह व्यक्ति के बौद्धिक, नैतिक, आध्यात्मिक और सामाजिक विकास की प्रक्रिया है। समाज के उत्थान के लिए वे शिक्षा को सबसे महत्वपूर्ण माध्यम मानते थे। उनके विचार आज भी समकालीन भारतीय शिक्षा व्यवस्था के लिए प्रासंगिक हैं। मूल्य-आधारित शिक्षा, शिक्षक की गरिमा, चरित्र निर्माण, और सामाजिक समरसता जैसे विषय आज भी उतने ही महत्वपूर्ण हैं। यह अध्ययन दर्शाता है कि शिक्षा और समाज का संबंध अभिन्न है, और व्यक्ति के विकास के बिना सामाजिक प्रगति संभव नहीं है।

मुख्य शब्द: डॉ. राधाकृष्णन्, शैक्षिक विचार, सामाजिक विचार, भारतीय दर्शन, शिक्षा और समाज

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Published

2026-08-31

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How to Cite

डॉ. राधाकृष्णन् के शैक्षिक एवं सामाजिक विचारों का विश्लेषणात्मक अध्ययन. (2026). VED International Journal of Arts, Commerce and Technology (VIJACT), 2(8), 61-67. https://doi.org/10.65785/vijact.v2i8.84