भारतीय एकीकरण और राष्ट्र निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान: एक समालोचनात्मक राजनीतिक अध्ययन

Authors

  • डॉ. बृजेश स्वरुप सोनकर असिस्टेंट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग, कर्म क्षेत्र महाविद्यालय, इटावा (उ0प्र0) Author

DOI:

https://doi.org/10.65785/vijact.v2i6.59

Abstract

यह शोध-पत्र भारतीय एकीकरण और राष्ट्र-निर्माण की प्रक्रिया में सरदार वल्लभभाई पटेल के योगदान का समालोचनात्मक राजनीतिक अध्ययन प्रस्तुत करता है। स्वतंत्रता प्राप्ति के समय भारत अनेक रियासतों में विभाजित था, जिससे राष्ट्रीय एकता के समक्ष गंभीर चुनौतियाँ उपस्थित थीं। इस अध्ययन का मुख्य उद्देश्य यह विश्लेषण करना है कि पटेल ने किस प्रकार कूटनीति, प्रशासनिक दक्षता और आवश्यकतानुसार शक्ति के प्रयोग द्वारा इन रियासतों का सफलतापूर्वक भारतीय संघ में विलय कराया। शोध में गुणात्मक एवं ऐतिहासिक पद्धति का उपयोग किया गया है, जिसमें द्वितीयक स्रोतों—जैसे पुस्तकों, शोध-पत्रों तथा सरकारी अभिलेखों—का विश्लेषण किया गया है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि पटेल ने लगभग 565 रियासतों के एकीकरण में निर्णायक भूमिका निभाई, जिससे आधुनिक भारत की राजनीतिक एकता की नींव पड़ी। समालोचनात्मक दृष्टिकोण से यह भी पाया गया है कि यद्यपि पटेल की नीतियाँ अत्यंत प्रभावी थीं, किन्तु कुछ मामलों में बल प्रयोग और राजनीतिक दबाव के कारण उनकी कार्यप्रणाली पर प्रश्न भी उठते हैं। विशेषतः कुछ रियासतों के विलय में अपनाई गई रणनीतियाँ लोकतांत्रिक आदर्शों के संदर्भ में बहस का विषय रही हैं। अंततः, यह अध्ययन निष्कर्ष निकालता है कि पटेल का योगदान राष्ट्र-निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण और स्थायी है, यद्यपि उसका मूल्यांकन संतुलित एवं आलोचनात्मक दृष्टि से किया जाना आवश्यक है।

Keywords: भारतीय एकीकरण, राष्ट्र निर्माण, कूटनीति, राजनीतिक रणनीति, प्रशासनिक एकता

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Published

2026-06-30

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भारतीय एकीकरण और राष्ट्र निर्माण में सरदार वल्लभभाई पटेल का योगदान: एक समालोचनात्मक राजनीतिक अध्ययन. (2026). VED International Journal of Arts, Commerce and Technology (VIJACT), 2(6), 71-78. https://doi.org/10.65785/vijact.v2i6.59