भारत में बालिका शिक्षा का विकास: कस्तूरबा विद्यालय के संदर्भ में
DOI:
https://doi.org/10.65785/vijact.v2i6.53Abstract
प्रस्तुत शोध-पत्र भारत में बालिका शिक्षा के क्रमिक विकास का अध्ययन कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय (KGBV) योजना के विशेष संदर्भ में करता है। स्वतंत्रता के पश्चात महिला साक्षरता 1951 की 8.86 प्रतिशत से बढ़कर 2011 में 65.46 प्रतिशत तक पहुँची, फिर भी वंचित वर्गों की बालिकाओं में लैंगिक असमानता बनी रही। इसी अंतर को पाटने हेतु 2004 में KGBV योजना आरंभ हुई। उद्देश्य के रूप में पत्र बालिका साक्षरता के दशकीय रुझान तथा KGBV के नामांकन, प्रतिधारण एवं अपव्यय का विश्लेषण करता है। प्रविधि द्वितीयक आँकड़ों पर आधारित वर्णनात्मक-विश्लेषणात्मक है, जिसमें जनगणना, UDISE, नीति आयोग तथा संसदीय आँकड़े (2025 तक) सम्मिलित हैं। परिकल्पना यह है कि आवासीय विद्यालय बालिकाओं के नामांकन व प्रतिधारण को बढ़ाते हैं। परिणाम दर्शाते हैं कि 2024-25 तक 5,639 KGBV में 7.58 लाख बालिकाएँ नामांकित हुईं तथा माध्यमिक प्रतिधारण कमजोर रहा। निष्कर्ष यह है कि KGBV ने पहुँच का विस्तार किया, परंतु अवसंरचना एवं प्रतिधारण की चुनौतियाँ शेष हैं।
Keywords: बालिका शिक्षा, कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय, लैंगिक समता, आवासीय विद्यालय, प्रतिधारण
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