वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बिहार से प्रव्रजन करने के कारण एवं परिणाम का समाजशास्त्रीय विश्लेषण

Authors

  • डॉ0 निरपेन्द्र कुमार सिन्हा सहायक आचार्य, समाजशास्त्र विभाग, सर्व नारायण सिंह राम कुमार सिंह महाविद्यालय, सहरसा (बिहार) Author

DOI:

https://doi.org/10.65785/vijact.v2i2.13

Abstract

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बिहार से होने वाले प्रव्रजन एक जटिल सामाजिक -आर्थिक प्रक्रिया है। बिहार लंबे समय से जनसंख्या घनत्व, सीमित औद्योगिक विकास, कृषि पर अत्यधिक निर्भरता ओर संसाधनों के असमान वितरण जैसी समस्या से जुझता रहा है। कृषि क्षेत्र में भूमि का विखंडन, सिंचाई की अपर्याप्त सुविधाएँ और रोजगार के मौसमी स्वरूप ने ग्रामीण आबादी को आजीविका के वैकल्पिक साधनों की तलाश में राज्य से बाहर जाने के लिए प्रेरित किया है। सामाजिक संरचना में विद्यमान जाति आधारित असमानता, गरीबी और सामाजिक सुरक्षा के अभाव ने भी निम्न एवं हाशिए के वर्गो को प्रव्रजन के लिए विवश किया है। प्रव्रजन बिहार की सामाजिक एवं आर्थिक पहचान की अभिन्न अंग बन चुका है। यह शोध पत्र इस बात की जाँच -पड़ताल करता है कि 21 वीं सदी के तीसरे दशक में बिहार से होने वाले पलायन प्रव्रजन के पीछे कौन से नए कारक उत्तरदयी है और इसका ग्रामीण संरचना पर क्या प्रभाव पड़ रहा है। यह शोध बिहार आर्थिक सर्वेक्षण (2024-25), जनगणना रिपोर्ट और प्रमुख समाजशास्त्रियों के साहित्य की समीक्षा पर आधारित है। साथ ही, इसमें गुणात्मक विश्लेषण का प्रयोग करते हुए प्रवासन के ’पुश-पुल’ कारकों की व्याख्या की गई है। अध्ययन से यह स्पष्ट होता है कि जहाँ प्रहले प्रव्रजन केवल ’अभाव; के कारण होता था, वही अब यह ’आकांक्षाओं और बेहतर जीवन गुणवत्ता’ के लिए अधिक हो रहा है। समाजशास्त्रीय रूप से, इसने बिहार के गाँवों में ’नारीकरण’ (थ्मउपदप्रंजपवदद्ध को जन्म दिया है एवं पारंपरिक जातिगत बंधनों पर अंकुश लगाने का कार्य किया है। राज्य सरकार की ’सात निश्चय’ जैसी योजनाओं ने बुनियादी ढ़ाँचे में सुधार लाकर प्रव्रजन की प्रकृति को ’अकुशल’ से ’कुशल’, ’अभाव’ से ’आकांक्षाओं’ की ओर मोड़ने का कार्य किया है। प्रव्रजन को रोकने के लिए केवल कृषि सुधार पर्याप्त नहीं है, बल्कि सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों का ग्रामीण स्तर पर सुदृढ़ीकरण और स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन अनिवार्य है।

मुख्य शब्द: बिहार, प्रव्रजन, समाजशास्त्रीय विश्लेषण, सात निश्चय, एम एस एम ई, नारीकरण, आर्थिक प्रभाव।

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Published

2026-02-28

How to Cite

वर्तमान परिप्रेक्ष्य में बिहार से प्रव्रजन करने के कारण एवं परिणाम का समाजशास्त्रीय विश्लेषण. (2026). VED International Journal of Arts, Commerce and Technology, 2(2), 09-15. https://doi.org/10.65785/vijact.v2i2.13