ग्रामीण उत्थान में वित्तीय समावेशन की भूमिका: एक अध्ययन

Authors

  • जागृति सिंह शोध छात्रा, वाणिज्य विभाग, टी०डी०पी०जी० कालेज, जौनपुर, उत्तर प्रदेश, भारत Author
  • डॉ० अमित कुमार राहुल असिस्टेंट प्रोफेसर, वाणिज्य विभाग, टी०डी०पी०जी० कालेज, उत्तर प्रदेश, भारत Author

DOI:

https://doi.org/10.65785/vijact.v2i8.88

Abstract

पूर्वांचल क्षेत्र में वित्तीय समावेशन ग्रामीण विकास की नींव है। यह अध्ययन उत्तर प्रदेश के पूर्वांचल क्षेत्र (वाराणसी, इलाहाबाद, मिर्जापुर, जौनपुर, गाजीपुर) में वित्तीय समावेशन और ग्रामीण समृद्धि के बीच संबंध को समझने के लिए किया गया है। विवरणात्मक अनुसंधान डिजाइन अपनाते हुए 450 ग्रामीण परिवारों का सर्वेक्षण किया गया। परिणामों से पता चला कि बैंक खातों तक पहुंच (68%), डिजिटल भुगतान (54%), और सूक्ष्म वित्त तक पहुंच (42%) में वृद्धि हुई है। वित्तीय समावेशन से कृषि उत्पादन में 32% वृद्धि, स्व-रोजगार में 28% सुधार, और घरेलू आय में 45% बढ़ोतरी देखी गई। परिणाम दर्शाते हैं कि वित्तीय समावेशन ग्रामीण समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निष्कर्ष में, पूर्वांचल क्षेत्र में लक्षित वित्तीय समावेशन नीतियां ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त बना सकती हैं और गरीबी कम कर सकती हैं। अध्ययन सरकारी एजेंसियों और नीति निर्माताओं को साक्ष्य-आधारित हस्तक्षेप विकसित करने के लिए महत्वपूर्ण जानकारी प्रदान करता है।

Keywords: वित्तीय समावेशन, ग्रामीण समृद्धि, पूर्वांचल क्षेत्र, बैंकिंग सेवाएँ, सामाजिक-आर्थिक विकास

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Published

2026-08-31

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Section

Articles

How to Cite

ग्रामीण उत्थान में वित्तीय समावेशन की भूमिका: एक अध्ययन. (2026). VED International Journal of Arts, Commerce and Technology (VIJACT), 2(8), 16-21. https://doi.org/10.65785/vijact.v2i8.88