शिक्षा में एआई, वीआर, एआर और मशीन लर्निंग की भूमिका

Authors

  • राहुल कुमार यादव शोध छात्र, ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भाषा विश्वविद्यालय, लखनऊ Author

DOI:

https://doi.org/10.65785/vijact.v2i1.06

Abstract

डिजिटल युग में शिक्षा प्रणाली तीव्र गति से तकनीकी नवाचारों को अपना रही है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, वर्चुअल रियलिटी तथा ऑगमेंटेड रियलिटी जैसी उन्नत प्रौद्योगिकियाँ शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया में क्रांतिकारी बदलाव ला रही हैं। ये तकनीकें शैक्षिक अनुभवों को अधिक वैयक्तिकृत, संवादात्मक, आकर्षक एवं प्रभावी बनाने में सक्षम हैं।

यह शोध पत्र शिक्षा के क्षेत्र में इन चार प्रमुख प्रौद्योगिकियों की भूमिका एवं उनके विविध अनुप्रयोगों का गहन विश्लेषण प्रस्तुत करता है। इसमें इन तकनीकों से प्राप्त होने वाले लाभों, जैसे- छात्रों की सक्रिय भागीदारी में वृद्धि, जटिल अवधारणाओं की स्पष्ट समझ, अनुकूलित शिक्षण पथों का निर्माण तथा शिक्षकों के कार्यभार में कमी, पर प्रकाश डाला गया है। साथ ही, इस अध्ययन में इनके कार्यान्वयन से जुड़ी चुनौतियों; जैसे- उच्च लागत, तकनीकी अवसंरचना की आवश्यकता, डेटा गोपनीयता के मुद्दे तथा प्रशिक्षित मानव संसाधन की कमी, पर भी चर्चा की गई है।

मुख्य शब्द: कृत्रिम बुद्धिमत्ता, मशीन लर्निंग, वर्चुअल रियलिटी, ऑगमेंटेड रियलिटी, शिक्षा प्रौद्योगिकी।

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Published

2026-01-31

How to Cite

शिक्षा में एआई, वीआर, एआर और मशीन लर्निंग की भूमिका. (2026). VED International Journal of Arts, Commerce and Technology (VIJACT), 2(1), 01-09. https://doi.org/10.65785/vijact.v2i1.06