[1]
“वैश्विक युग में भारतीय संस्कृति और मानवीय मूल्यों की प्रासंगिकता : एक समाजशास्त्रीय अध्ययन”, VIJACT, vol. 2, no. 8, pp. 50–60, Aug. 2026, doi: 10.65785/vijact.v2i8.83.